12 Personality Development Hindi Tips

1 Personality Development Hindi | आखिर लोग हमसे प्रभावित क्यों नहीं होते?

Personality Development Hindi, यह प्रश्न हो सकता है, अक्सर आपके दिमाग में आता हो| लोगो को प्रभावित करने में सक्षम होना भी एक कला है, जो सामान्यतः ९० प्रतिशत लोगो में नहीं होती| इसी लिए हम Personality Development का पूरा पैकेज आपके लिए Hindi में लेकर आये है|

कारन, लोगो को प्रभावित करना हमारे व्यवहार से जुड़ा होता है, और लोगो से बातचीत के दौरान अपने व्यवहार की छोटी छोटी गलतियों को नजरअंदाज करना ही हमें उन १० प्रतिशत लोगो में शामिल होने से रोकता है| जो की दुसरो को प्रभावित करने में सक्षम होते है|

आप सोच भी नहीं सकते की यही व्यावहारिक ज्ञान सफलता का कितना बड़ा मूलमंत्र है| क्योकि अपने कस्टमर को प्रभावित करना ही किसी बिज़नेस के लिए, अपने बॉस को प्रभावित करना नौकरी में पदोन्नति के लिए, और समाज में लोगो को प्रभावित करना, नेतृत्व क्षमता और इन क्षेत्रो में सफलता का मूलमंत्र है| “Personality Development Hindi”

व्यावहारिक ज्ञान में महारत हासिल करना कोई दुष्कर कार्य नहीं है| लेकिन सही जानकारी के आभाव में हम अक्सर छोटी – छोटी गलतिया कर जाते है| जिसकी वजह से कई बार हमें उन्नति के उन अवसरों को गवाना पड़ता है, जिनके हम हक़दार होते है|

इस वेबसाइट के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान की उन महत्वपूर्ण बातो को आपके तक पहुंचना ही हमारा प्रमुख उद्देश्य है| और मुझे पूरा विश्वास है की इसमें कही गयी महत्वपूर्ण बातो को अगर अपने व्यवहार में आप अमल करेंगे तो निश्चित रूप से सफलता प्रथम प्रयास में ही आपकी होगी| “Personality Development Hindi”

तो चलिए व्यावहारिक ज्ञान के क्षेत्र में हम अपना सफर प्रारंभ करते है-

आगे के सभी अध्याय में आपको यह जानकारी मिलेगी, तो हमसे जुड़े रहे और कमेंट करके बताये और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि बाकि लोगो को भी उनके जीवन में बदलाव करने के लिए प्रेरणा मिले|

 

2 Personality Development Hindi | लोगो की पसंद – नापसंद का पूरा ख्याल रखा जाए

“Personality Development in Hindi”: मान लीजिए कि आपको कैटबरी चॉकलेट बहुत पसंद है और आप हरदम यही प्रयास करते है कि आपको कैटबरी खाने को मिलती रहे। एक दिन आप सोचते है कि क्यों ना तालाब पर जाकर कुछ मछलिया पकड़ी जाए। कुछ ही देर बाद आप सारी तैयारियों के साथ तालाब तक पहुंच जाते है और अपने बैग से मछली पकड़ने का कांटा निकाल लेते है।

अब आप सोचते है कि मछलियों को आकर्षित करने के लिए इस कांटे में कौनसा भोजन फसाया जाए और अचानक आपको अपनी पसंदीदा चीज चॉकलेट पर नजर जाती है। आप काँटे में एक चॉकलेट लगाते है और उस काँटे को पानी मे डाल देते है। पानी मे डालकर मछलियों के फसने का इंतजार करते है। लेकिन घंटो इंतजार करने के बाद भी एक भी मछली चॉकलेट के तरफ आकर्षित नही हो रही और आप अब तक एक भी मछली नही पकड़ पाए।आपको यह समझ नही आ रहा कि आखिर आपकी किस्मत इतनी खराब क्यों है। क्योंकि पड़ोस में बैठे लोग काफी मछलिया पकड़ चुके है। “Personality Development Hindi”

आपको उदास भाव मे देखकर एक सज्जन आपके पास आते है और कहते है कि ” बेटा! तुम अगर दिन भर भी बैठोगे तो भी एक भी मछली पकड़ नही पाओगे” क्योंकि मछलियों को तुम्हारी दी हुई चॉकलेट बिल्कुल पसंद नहीं है। अगर तुमको वाकई में मछलियां पकड़नी है। तो तुमको काँटे में वही लगाना होगा जो मछलियों को पसंद है जैसे कि केंचुए और इल्लियां।

माना कि आपको केंचुए और इल्लियां बिल्कुल पसंद नहीं है, लेकिन अगर मछलिया पकड़नी है, तो आपको उन्हें वही खिलाना होगा जो उन्हें पसंद है।

क्या आपको नही लगता कि यह परिस्थिति हमारे लिए एक सबक लेकर आती है? क्या आपको नही लगता कि लोगो से बाते करते समय हम भी अक्सर यही गलती करते है। और उनकी पसंद-नापसंद का ख्याल नही रखते। “Personality Development Hindi”

हम उन्हें प्रभावित करना चाहते है, पर भला यह सोचिये की अगर पसंद-नापसंद का ख्याल नही रखा जाए तो, अगर मछली जैसे मंदबुद्धी जीव आकर्षित नही होते तो इंसान जैसे बुद्धिमान और समझदार जीव कैसे आकर्षित या प्रभावित होंगे। अतः हमारा व्यावहारिक ज्ञान का पहला मंत्र है-

“Take Well Care of People’s Likings”

“लोगो की पसंद – नापसंद का पूरा ख्याल रखा जाए”

 

3 Personality Development Hindi | “विश्वसनीय बनिए”

अब मैं आपसे पुन: एक प्रश्न पूछता हुँ।

मान लीजिए कि अभी आप घर से निकल रहे है और निकलते वक्त आपकी माताजी या पत्नी आपसे पूछती है कि आप शाम को घर कितने बजे तक लौटेंगे ओंर आप जवाब देते हैं कि “आठ बजे तक”। “Personality Development Hindi”

तो आप मुझे ईमानदारी से यह जवाब दीजिए कि उस आठ बजे का आपकी नजरों में क्या महत्व है? क्या इसका मतलब है – ७.३० या ८.३0 या फिर 9.3० या कोई अर्थ नहीँ या फिर आपको स्वयं नहीँ पता कि आप शाम को कब लौटेंगे।

क्या आपकी पत्नी को या आपकी माताजी को इतना भरोसा है कि आपने कहा आठ बजे तक, तो इसका मतलब है कि चाहे जो हो जाए आप आठ बजे तक घर लोट आएँगे या किसी कारणवश अगर आपको घर लोटने में देरी हो गई, भले ही 10 मिनट की देरी ही क्यों न हो तो क्या उनको विश्वास है कि आप फोन करके उन्हें सूचित करेंगे? “Personality Development Hindi”

या मान लीजिए कि ऑफिस जाते वक्त आपका 3 वर्ष का बेटा आपसे आग्रह करता है कि “पापा, शाम को घर लौटते वक्त आप मेरे लिए आईसक्रीम लेकर आएंगे?” चूँकि आपको आफिस जाने में देरी हो रही है, आप उससे वादा करते है कि “हा बेटा, शाम को मैं तुम्हारे लिए आईसक्रीम जरूर लेकर आऊंगा।”

तो क्या आपके साथ ऐसा होता है कि शाम को घर लोटने पर आपका मासूम बेटा जो एक आईसक्रीम के लिए दिन भर से आपके घर लोटने का इंतजार कर रहा हैँ और आपसे यह उम्मीद लगाए बैठा है कि आप उसके लिए आज आईसक्रीम लेकर आएंगे।

वो आपके घास आकर आपसे जब पूछता है कि “पापा, क्या आप मेरे लिए आईसक्रीम लेकर आए?” तो आपका उत्तर क्या होता है? मेरे हिसाब से आप दो ही उत्तर दे सकते हैं।

  1. आप धीरे से उसके हाथ में आईसक्रीम का डिब्बा रख देते है।
  2. आप उससे कोई बहाना बचाकर उसे एक और आश्वासन देते है कि “वेटा, आज तो नहीं, लेकिन कल मैं तुम्हारे लिए आईसक्रीम ज़रूर लेकर आऊंगा।”

कहने को तो यह उदाहरण बहुत सामान्य सा प्रतीत होता है, लेकिन यह उदाहरण आपको व्यावहारिक ज्ञान के एक अति महत्वपूर्ण पहलू “Building Trust” की और आपका ध्यान आकर्षित करता है ओर आपको यह सोचने के लिए मजबूर करता है कि क्या आप वाकई विश्वसनीय हैं? “Personality Development Hindi”

वास्तविकता यह है कि शायद आप पर कोई भरोसा नहीं करता, शायद आपकी कही बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता क्योंकि कुछ भी कहने से पहले आप स्वयं उसे गंभीरता से नहीं लेते। सोचिए, अगर आपकी कही बातों पर आपकी पत्नी, पुत्र या स्वयं आपको ही भरोसा नहीँ है, तो दूसरे आप पर भरोसा कैंसे करेंगे।

अगर हमसे इतनी गहराई से जुडे हुए लोग हमें और हमारी बातों को गंभीरता से नहीं लेते तो अजनबी हम पर विस्वास केंसे करेंगे।

भरोसा व्यावहारिक ज्ञान का अत्यंत महत्वपूर्ण और कीमती पहलू है । आज भी दुनिया में 90 प्रतिशत व्यापार इस एक शब्द “भरोसा” पर टिका हुआ है । अब आप स्वयं से ईमानदारी से यह प्रश्न कीजिए कि –

– क्या आप वाकई विश्वसनीय हैं?

– क्या आपकी कही हुई बातों पर अक्षरश: भरोसा किया जा सकता है?

– क्या आप कोई भी वादा करने से पहले यह सुनिश्चित कर लेते हैं कि आप उस वादे को पूरा कर पाएंगे या नहीं?

– क्या आप अपने किए द्वारा किए गए वादों को पूरी तरह निभाते हैं?

अगर नहीँ तो इस पुस्तक को यहीँ बंद कर दीजिए और सर्वप्रथम विश्वसनीय बनिए, क्योकि बगैर भरोसे के हर आकर्षण या प्रभाव अस्थायी होता है, और आखिरकार आपकी की हुईं सारी मेहनत व प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे ।

अत: व्यावहारिक ज्ञान का और लोगों को प्रभावित करने का तीसरा अत्यंत महत्वपूर्ण सूत्र है।

“विश्वसनीय बनिए”

 

4 Personality Development Hindi | दिल से दिलचस्पी ले

अब मेरा प्रश्न आपसे यह है कि इंसान मुर्गी क्यों पालता है? तो आपका ज़वाब होगा अंडों के लिए, गाय पालता है दूध के लिये, घोडा पालता है सवारी के लिए, लेकिन क्या आप मुझे बता सकते हैं कि इंसान कुत्ता क्यों पालता है या उसे जानवरों में इंसान का सबसे अच्छा मित्र क्यों कहा जाता है?

अगर आप कहते हैँ इसलिये क्योकि वह वफादार होता है तो आपका जवाब पूरी तरह सही नहीं है क्योंकि हमें उसकी वफादारी की जरूरत सामान्यतः कम ही पड़ती है।

तो फिर आखिर क्या कारण है जिसकी वजह से हम उसे अपने घर में रखते हैं? न सिर्फ घर में रखते हैं बल्कि उसे बहुत सारी आजादी भी देते हैं। जैसे आपके बिस्तर, सोफे या घर में कहीं भी कैसे भी घूमने की आजादी, सोचिये कि क्या कुत्ते के अलावा ये आजादी इंसान ने कभी किसी और को दी है? “Personality Development Hindi”

वफादारी का इनाम इतना बडा तो नहीं हो सकता क्योंकि चौकीदार की जगह तो घर के बाहर होती है, घर के अंदर नहीं। तो फिर क्या कारण है कि एक छोटा सा जानवर हमारा इतना प्यार और सुविधाएँ ले जाता है और बदले में हमें कुछ भी नहीं देता।

अगर आप कहतें हैं कि नहीं वो दिंनभर हमारे घर की चौकीदारी करता है, तो आप फिर गलत हैं, क्योंकि इस प्रश्न का जवाब वही दे सकता है, जिसके  घर में कुत्ता हैँ, जैसे कि मेरे घर में।

मेरे कुत्ते का नाम बॉबी है और हमारे बॉबी महाराज दिनभर कुछ नहीं करते । हमारे लिविंग रूम के सोफे पर आराम फरमाते हैं और टी.वी. देखते रहते हैँ। साथ ही महाशय को अपने ऊपर हरदम एक पंखा भी चाहिए और हम सब बडे प्रेम से उसकी इन इच्छाओं की पूर्ति करते रहते हैं । “Personality Development Hindi”

जैसे कि हम पूर्वजन्म का उसका कर्ज उतार रहे हो। एक दिन मैंने बैठ कर सोचा आखिर ऐसा क्यों होता है, तो मेंने पाया और दूसरे भी सभी लोग मेरी इस बात से सहमत होंगे कि जब भी कभी में आँफिस से लोटता हूं तो मेरे परिवार का वही एकमात्र शख्स है जो मुझे लेने के लिए बाहर दरवाजे पर आता है ।

उसे मुझे देखकर इतनी खुशी होती है और वह इतने निश्छल भाव से मुझे लाड करता है जैसे मुझे प्यार करते-करते वो अभी ही अपने प्राण न्योछावर कर देगा और ऐसा सिर्फ मेरे साथ ही नहीँ होता। “Personality Development Hindi”

जब…जब मेरे परिवार का कोई भी सदस्य घर लोटता है, वो उनका स्वागत ऐसे ही करता है और इसके विपरीत जब भी हमारे परिवार का कोई सदस्य बाहर जाता है, तो वह इतना उदास हो जाता है, कि खाना-पीना भी छोड देता है ।

सोचिए, अगर कोई आपसे इतने निस्वार्थ भाव से प्रेम करे तो क्या आप उसे प्रेम करे बिना रह सकते हैं। मेरा बॉबी प्रेम को व्यक्त करने का एक भी शब्द नहीं जानता या बोल सकता है. लेकिन प्रेम को व्यक्त करने में वह उस्तादों का भी उस्ताद है। “Personality Development Hindi”

जब एक जानवर अपना निश्छल ओर निस्वार्थ प्रेम हम पर लुटाकर अपनी हर इच्छा पूरी करवा लेता है। तो फिर सोचिए अगर एक इंसान दूसरे इंसान से इसी प्रकार निश्छल और निस्वार्थ प्रेम करे तो दूसरा इंसान इससे पडने वाले चुंबकीय प्रभाव से कैसे अछूता रह सकता है?

और यही व्यावहारिक ज्ञान का चौथा मूल मंत्र है लोगों को प्रेम करना सीखें। और इसके लिए DOG महाराज को अपना गुरु बना लें । और विश्वास कीजिए वह इसक लिए आपसे कोई गुरु दक्षिणा भी नहीं लेगा । उसे तो बस बदले में आपका प्रेम चाहिये । आप एक कदम आगे बढेगे तो वह दस कदम आगे बढेगा । लोगों में दिल से दिलचस्पी लें। “Personality Development Hindi”

रिश्तों के तार दिमाग से नहीं दिल से जुडते हैं । और इन तारों से प्रेम, सदभावना और समर्पण का संगीत सुनने के लिए आपका लोगों से भावनात्मक रूप से जुडना नितांत आवश्यक है ।

याद रखिए अगर इस दुनिया में सबसे कीमती, महँगी, और प्राप्त करने में दुष्कर कोई चीज़ है, तो वह है-इंसान, जो अगर अड जाए तो आप उसका बाल भी नहीं खरीद सकते और इसके विपरीत सबसे सस्ती, उपयोगी और आसानी से उपलब्ध कोई चीज है तो वह भी है इंसान, जो अगर चाहे तो आपके लिए अपने प्राण भी न्यौछावर कर सकता है। “Personality Development Hindi”

ऐसा आपके साथ भी होता होगा कि कोई इंसान आपसे बहुत चिढ़ता होगा तो वहीँ कोई इंसान आपको बहुत चाहता भी होगा । तो अब आप ही बताइए कि आप अच्छे हैं या बुरे । कोई इंसान अच्छा या बुरा नहीँ होता हमारा उसके साथ किया गया व्यवहार ही उसे हमारे लिए अच्छा या बुरा बनाता है ।

मेरी आपको यही राय है कि आप अच्छे बनें और लोगों से प्रेम करना सीखें अगर आपने खुद से लोगों को प्रेम करवाना सीखा दिया तो आपने दुनिया जीत ली । और तब वे आपक लिए वह सब कुछ करेंगे जो आप उनसे चाहते हैं ।

“Take genuine interest in others”

“दिल से दिलचस्पी लें”

 

5 Personality Development Hindi | लोगों का आदर करना और उन्हे महत्वपूर्ण समझना तुरंत शुरू करें ।

अब मैं आपसे एक प्रश्न और करता हूँ कि अगर में आपके सामने एक ऐसा Photo Graph रखूँ जिसमेँ 30 दूसरे भी चेहरे हैं और आप भी कहीं बैठे हुए हैं, तो आप सबसे पहले किसे देखना पसंद करेंगे?

मुझे पता है कि आपका जवाब होगा स्वयं को । आप अधिकतर समय खुद को ही निहारते रहते हैं, और उस Photo में अपने से जुडी हर अच्छी और चुरी चीज का गहराई से विश्लेषण करते हैं, उसके बाद समय बचा तो दूसरों पर भी नजर डाल लेते हैं ।

वास्तविकता तो यह है कि लोगों की दिलचस्पी न आप में है न मुझमें । उनकी दिलचस्पी तो स्वयं में है … हर दिन हर पल ।

इंसान के भीतर उसकी एक अलग ही दुनिया होती है, जिसका वह राजा होता है और वह उस दुनिया का  सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बेहतर व्यक्ति होता है, ओंर में यह समझता हूँ किं,

आपको यह बताने की जरूरत नहीं है कि एक राजा के साथ कैसा व्यवहार किया जाना चाहीये अगर आप उसकी इस भावना का सम्मान करना सीख लें, बगैर यह सोचे कि उसकी जाति या पद कौन सा है और यह व्यक्त करना सीख लें कि वह व्यक्ति आपकें लिए परम आदरणीय और महत्वपूर्ण है तो वह आपसे निश्चित रूप से प्रभावित हो जाएगा। “Personality Development Hindi”

हमारे साथ समस्या यह हैं कि हमारा व्यवहार सभी के लिये एक समान नहीं होता । हम व्यक्ति के स्तर के अनुसार उससे व्यवहार रखते हैं ।

सोचिए अगर आपको स्तरहीन समझकर आपसे वैसा व्यवहार किया जाए तो आप कैंसा महसूस करेंगे अपने व्यवहार में एकरसता लाने का प्रयास करें ।

आप Driver को Driver, Waiter को Waiter

समझना छोड कर उसे इंसान समझना शुरू करें, क्योकि

एक Waiter या आपके आँफिस का एक छोटा सा

” कर्मचारी भी जब काम से वापस घर लोटता है तो अपने घर मे वो बॉस बन जाता है । जैसे कि, कहा गया है …

“एक चूहा भी अपने घर मेँ शेर होता हैं ।”

मेरे इस Principle का सार यही है कि, अगर आप एक चूहे को भी शेर का सम्मान देना सीख लें तो आपका वह शेर आपके लिये जंगल में कोई भी रास्ता बना सकता है।

मर्जी आपकी है । आखिर जीवन आपका हैं।

“Let the other person feel important”

“लोगों का आदर करना और उन्हें महत्वपूर्ण समजना तुरंत शुरू करे”

 

6 Personality Development Hindi | दिल खोल कर बात करे

अक्सर मेरे पास लोग एक समस्या लेकर आते हैं, और कहते हैं कि sir मैं जब लोगों से बात करता हूं तो मैं उनमें पूरी तरह दिलचस्पी लेता हू लोगों की बातों को ध्यान से सुनता हू और हर संभव सहायता करने के लिये तैयार रहता हू परन्तु मेरी तमाम कोशिशों के बावजूद भी में उन पर कोई Magnetic effect नहीं डाल पाता।

लोग मुझे अन्तमुंखी यानि Introvert कहते हैं । वे मुझसे इसका कारण और हल पूछते हैं ताकि वे अपनी उपस्थिति का लोगों पर जादुई प्रभाव छोड सकें। “Personality Development Hindi”

यह समस्या कहने में साधारण लगती है परन्तु जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि 9० प्रतिशत लोग इसके शिकार होते हैं ।

अब जो में कहने जा रहा हूँ उसे आप बडे ध्यान से सुने क्योंकि, इस समस्या को समझ लेना ही इसका समाधान भी है, और इसे समझने के लिये आपको इस पर गहराई से चिंतन करना होगा और अपनी कल्पना में इसे एक Film की तरह देखना होगा ।

जरा गौर से पढ़े । आपने सुना होगा कि एक मनुष्य के पास दो तरह का दिमाग होता है जिसे Conscious Mind और Sub Conscious Mind कहते हैं यानि चेतन और अवचेतन मन । अगर इसे Computer की भाषा में समझा जार तो चेतन मन Computer की RAM memory कहलायेगा और अवचेतन मन Hard Disc Memory Computer में Ram काम करते वक्त इस्तेमाल में आने वाली Temporary memory होतीं है, परन्तु उसे Computer में अगर हमेशा के लिये संभालकर रखना है तो हमें उसे Hard Disc यांनी Permanent memory में शामिल करना होगा । “Personality Development Hindi”

मानव मस्तिष्क भी कुछ इसी प्रकार का होता है हमारे दिमाग में भी दो प्रकार से Processing होती है जिसे हम बाह्य मन व अंतर्मन का नाम देते हैं । बाहरी दुनिया में हमारे सामने जो कुछ भी घटित होता है उसमें हमारे द्वारा लिये गये निर्णय विचार, किसी भी घटना पर होने वाली हमारी प्रतिक्रिया हमारा व्यवहार आदि सभी Conscious Mind होता है जिसका कार्यक्षेत्र बहुत सीमित होता हैं !

हमारे दिमाग पर हमारे सामने घटित होने वाली हर चीज का प्रभाव पड़ता है, जिससे हमारी कार्यक्षमता प्रभावित होती है । इसे एक उदाहरण से समझने की कोशिश करें। “Personality Development Hindi”

मान लीजिए आप किसी व्यक्ति से बात कर रहे हैं, ओंर

  1. उस कमरे में पंखा नहीं चल रहा है
  2. आपकी आंखों कं सामने जिस व्यक्ति से आप बात कर रहे हैं उसकं ठोक पीछे एक बडी सुन्दर तस्वीर लगी हुई है,
  3. और उस कमरे में एक अजीब सी गंध भी आ रही है

तो विश्वास कीजिए आप पूरी तल्लीनता से न तो उस व्यक्ति की बात को सुन सकते हैं न ही समझ सकते हैं क्योकि, उस समय आपका दिमाग 4 हिस्सों में बट जाता है। आपका थोडा ध्यान उस कमरे में हो रही गर्मी पर जाता है, थोडा ध्यान पीछे दीवार पर लगी तस्वीर पर जाता है, और थोडा सा मन उस अजीब सी गंध से विचलित हो रहा है और बाकि का ध्यान उस व्यक्ति की बातों पर लगा हुआ है ।

इस घटनाक्रम को आप महसूस तो कर सकते हैं पर बयां नही कर सकते । अब ज़रा सोचिए अगर आपका दिमाग चार हिस्सों मे बँटा हुआ है तो आप अपना सौ प्रतिशत कैंसे उस व्यक्ति को दे सकते हैं? “Personality Development Hindi”

ऐसा हमारे जीवन मे अक्सर होता रहता है और जिस पर हम कभी भी गौर नहीं करते हैं और मानव मस्तिष्क की क्षमता का जादू देखिए कि सामने वाले व्यक्ति का दिमाग इस बात को तुरन्त पकड लेगा कि आप उसकी बातों को ध्यान से नहीं सुन रहे ।

लेकिन वह यह नहीं पकड़ पाता कि यह अनजाने में हो रहा हे या जान-बूझकर, और जैसा कि मानव स्वभाव होता है नकारात्मक विचार उसके दिमाग में पहले आते हैँ । वह आपकी इस प्रतिक्रिया को गलत दृष्टिकोण से देखने लगता है, और उसे लगता है कि आप उसकी बातों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं, ओंर जैसे ही यह विचार उसके दिमाग में आता है, आपका खेल खत्म| “Personality Development Hindi”

अब यह तो हुई समस्या । अब हम इसका हल जानने की कोशिश करते हैं । हल यह है कि अगर आप किसी व्यक्ति को प्रभावित करना चाहते हैं तो आपको अपना सौ प्रतिशत उसे देना होगा ओर उस पर जादुई प्रभाव डालना चाहते हैं तो अपना दो सो प्रतिशत उसे देना होगा ।

अब समस्या यह है कि जहाँ उम्हें हम अपना 25 प्रतिशत नहीं दे पा रहे वहॉ दो सौ प्रतिशत कहॉ से लाएंगे ।

आने वाले कुछ मिनटों में मैं आपकं दिमाग की उस क्षमता को असीमित करने की चाबी देने वाला हूँ। वास्तविकता यह है कि हर काम दो प्रकार से किया जाता है। पहला दिमाग से और दूसरा दिल से । जब दिल और दिमाग दोनो किसी काम को करने लगते हैं तो मानव क्षमता असीमित हो जाती है । हर इंसान के अन्दर एक और दुनिया होती है दिल की दुनिया । मन की दुनिया। “Personality Development Hindi”

जहां आपके दिमाग की सोच ख़त्म होती है वहीं’ से दिल की सरहद शुरू होती है यहां दिमाग से मतलब Conscious Mind व दिल से मतलब है Subconscious mind जब भी हमारे सामने कुछ घटित होता है, उसका कुछ हिस्सा हमारे दिमाग मे Store हो जाता है और कुछ हिस्सा हमारे दिल को छूता है, जिससे छन-छन कर बाते हमारे दिल को छूती हें । जो बात आपकें दिल को छू ले उसका प्रभाव स्थायी और असीमित हो जाता है। “Personality Development Hindi”

कुछ समय के बाद आप घटना से जुडी हुईं लगभग सभी बातें -भूल चुकं होते हैं क्योकि उन बातों की जगह आपके दिमाग में कुछ नई बातें अपनी जगह बना लेती है परन्तु, जिन बातों ने आपके दिल को छू लिया वो आपको हमेशा याद रहती हैं ।

अब होता यह है कि, जब हम लोगों से बात करते है तो उनसे दिमाग से बात करते हैं या सुनते हैं । जबकि हमारे दिल में कुछ और ही विचार चल रहे होते हैं बस यही कारण हैं जिससे हम कोई ऐसी बात नहीँ कर पाते जो दूसरे व्यक्ति के दिल को छु सके क्योकि, दिल को छूने वाली बात तो दिल से ही कहीं जा सकती है। “Personality Development Hindi”

अगर आप लोगों को वाकई प्रभावित करना चाहते हैं तो आपको अपने दिल के दरवाजे उसके लिए खोलने होंगे । ताकि उस व्यक्ति की कहीँ हर बात आपके दिल को छु सके और आपका दिल उसे महसूस कर सके।

व्यवहार और व्यापार मे थोडा अन्तर (फर्क) होता है । व्यापार दिमाग से किया जाता है लेकिन व्यवहार दिल से किया जाना चाहिए । साथ ही इस बात का भी बिशेष खयाल रखा जाए कि आप उससे दिल खोल कर बात करें । और अपनी बातचीत में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि, आपकी कही हुई कुछ बातें उसके भी दिल को छुनी चाहिए। “Personality Development Hindi”

अगर आप ऐसा करने में कामयाब हो पाते हैं तो विश्वास कीजिए आपके प्रभाव से कोई नहीं बच सकता

“दिल खोल कर बात करें”

 

7 Personality Development Hindi | लोगों से बात करते वकत अपने अहं , अस्तित्व और  पहचान को भुला दे

अब में आपसे एक प्रश्न करता हूँ कि जब कोई आपसे बात करता है तो आपको किस  तरह की बातचीत में ज्यादा मजा आता है ।

उत्तर है, वे बातें जो आपके शौक, सोच, आदतें, पसंद-नापसंद, आपकं व्यवहार, परिवार, पेशे, दोस्त आदि से जुडी होती हैं, वह आपको बहुत पसंद आती है और आप उनमे गहरी दिलचस्पी लेते है।

यही मानव स्वभाव है। इसके विपरीत अगर कोई आपसे अपनी बात अधिक समय तक करे तो आप उससे बहुत जल्दी उकता जाते हैं, यह भी मानव स्वभाव है। “Personality Development Hindi”

इंसान हर बातचीत अपने आस-पास ही केंद्रित रखना चाहता है । अगर आप लोगों को प्रभावित करना चाहते हैं तो लोगों की इस कमजोरी का फायदा उठाएँ ।

Forget your own Identity

अपने अहं , अस्तित्व और पहचान को भुता दे

Stop talking about yourself

अर्थात् अपनी बातों में सिर्फ अपने बारे में बातचीत करना बंद कर दें ।

Talk in terms of other man’s interest

यानी वे बातें करें या वे कार्य करें, जो लोगों की रुचियों से जुडी हों ।

उदाहरण के लिए मेरे एक परिचित हैं, जो एक बहुत ही प्रतिष्ठित कम्पनी में उच्च पद पर कार्य करते है। एक बार बातचीत के दौरान मुझे ये पता चला कि उनके बेटे को डाक टिकट इकटठा करने का शौक है और शौक भी इतना गहरा कि वह एक…एक डाक टिकट हासिल करने क लिए कुछ भी करने को हरदम तैयार रहता है और उसका यही शौक मेरे परिचित के लिए परेशानी का सबब भी था क्योंकि उनके लिए अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर अपने बेटे के लिए टिकट ढूंढना दुष्कर कार्य था। “Personality Development Hindi”

जब मुझे यह बात पता चली तो मैं अपने घर लोटकर आया और अपनी पुरानी अलमारी से डाक-टिकटों और सिक्को का पुराना सा बण्डल दूंढ निकाला क्योंकि बचपन में मुझे भी टिकट और सिक्के इक्कठे करने का शौक हुआ करता था ।

मेंने उनमें से आधे टिकट और सिस्को का एक Gift pack और आधे टिकट और सिक्के परिचित को ऑफिस में यह कहकर दे दिये कि जब भी आपका बेटा आपसे फरमाइश करे तो इसमें से एक एक या दो…दो टिकट और सिक्के उसे देते रहिएगा ।

मैँने यह कार्य एक स्वाभाविक प्रक्रिया के तहत किया था परन्तु  इसका उन दोनो पर इतना गहरा प्रभाव पडा कि मैं गुज़रते वक्त के साथ उनके परिवार का एक अभिन्न अंग बन गया और वे मेरी हर समस्या के निराकरण के लिए हरदम तैयार रहने लगे। क्योंकि वह एक घटना उनके दिल को छू गयी। “Personality Development Hindi”

अगर आप लोगों को स्वयं में दिलचस्पी लेते हुए देखना चाहते हैं तो उनसे जुडी हर बात में दिलचस्पी लें । इतनी गहरी दिलचस्पी कि आपको अपने अस्तित्व का भी ध्यान न रहे। इसे कहते है-

Complete switch over

 

8 Personality Development Hindi | बहस को अधिकाधिक टाले।

अब मेरा प्रश्न आपसे यह है कि क्या आप कभी किसी से बहस में उलझे हैं ? तो आपका उत्तर होगा, “हां कभी…कभी या अक्सर ऐसा होता है”

अब मेरा प्रश्न यह है कि क्या आपने कभी किसी से बहस जीती है तो आपका उत्तर हो सकता है कि हाँ, मैंने अपने वाकचातुर्य से या प्रभाव से कई वार बहस जीती है। “Personality Development Hindi”

अब मेरा प्रश्न यह है कि जब आपने किसी को बहस में हराया तब मन ही मन आपने कैसा महसूस किया ? आपका उत्तर हो सकता है कि आपने काफी अच्छा महसूस किया । आखिर अपनी जीत पर खुशी किसे महसूस नहीं होती।

अब मेरा प्रश्न आपसे यह है कि क्या कभी आपको किसी से बहस में हार का सामना करना पडा हैं? आखिर हार और जीत तो एक ही सिक्के के दो पहलू है। “Personality Development Hindi”

तो अब मेरा प्रश्न यह है कि जब आप किसी से बहस में हारते हैं तब आप केंसा महसूस करते हैं ? निश्चित रूप से आपका जवाब होगा, ‘काफी बुरा, अपमानित एवं लज्जित। आप मानसिक रूप से काफी तनावग्रस्त व दु:खी होते हैं और इसी दुख़ से बचने लिए हम हरसंभव प्रयास करते हैं ताकि हम बहस में न हारें और इसके लिए कोई भी तरीका अपनाकर, किसी भी हद तक जाने का प्रयत्न करते हैं । यानी जब भी हमारी किसी से बहस होती है तो कभी हमारी जीत तो कभी हार होती है, ऐसा लोग सोचते हैं । किन्तु वास्तविकता तो यह है कि इंसान बहस में कभी नहीँ जीतता, उसकी हमेशा हार होती है । तब भी जब वह बहस में हारता है और आश्चर्यजनक रूप से तब भी जब वह बहस में जीतता है ।

में इस वाक्य को पुनः दोहराना चाहूँगा कि एक इंसान तब भी हारता हैं, जब वह बहस में जीतता है । अब आप निश्चित रूप से जानना चाहेंगे कि ऐसा कैंसे हो सकता है ? “Personality Development Hindi”

इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए मैं आपसे पहले एक आखिरी प्रश्न और करता हूं। आखिर हमारी बहस होती किससे है ? अगर आप गौर करेंगे तो पाएँगे कि जिनसे हमारी बहस होती है, वह कोई हमारा अपना ही होता है । अक्सर जिनसे हमारी बहस होती है, वह या तो हमारे परिवार का सदस्य होता है, कोई खास मित्र होता है या हमारा और अगर देखा जाए तो ये सभी लोग हमारे जीवन के अहम सदस्य होते हैं।

इन्हीं लोगों से हमारी छोटी सी दुनिया का निर्माण होता है और यही वे लोग हैं जिनकें बगैर हमारे जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती । अब सोचिए कि जब हमारी इनसे बहस होती है और बहस में हम उनसे हार जाते हैं तो काफी व्यथित हो जाते हैं और अपमानित महसूस करते हैं। इसकें विपरीत जब हम उनसे बहस में जीतते हैं तो खुद तो अच्छा महसूस करते हैं परन्तु वह शख्स जिसे आपने अभी -अभी हराया है, वह अब दुखी और अपमानित महसूस करने लगता है और उसके मन में आप की जो तस्वीर उसने बना रखी है, उसका रूप बिगड़ जाता है और उसके मन मेँ आप अपने लिए आदर खो देते हैं। “Personality Development Hindi”

तो सोचिए आपकी जीत कैंसे हुई? क्या अपनों को दुखी देखकर खुश होना आपकी जीत है? और क्या वाकई आप ऐसा कर सकते हैं? नहीं न, तो इसका अर्थ तो यह हुआ कि आपकी दोनो ओर हार होती है । तब भी जब आप जीतते है और तब भी जब आप हारते हैं। तो सोचिए ऐसे युद्ध को लड़ने का क्या फायदा, जिसमें आपकी हार निश्चितच है । ऐसी लडाई लड़ने से तो अच्छा है कि आप इस लडाई को टाल दें ।

विश्वास कीजिए, बहस के समय इंसान की जिव्हा अपने सबसे कुरूप स्वरूप में होती है और वह इंसान के रिश्तों की गहराई को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर देती है । ऐसे में ज़बान को लगाम देना अति आवश्यक हो जाता है।

अत: मेरी आपको यही राय है कि आगे से जब कभी भी आपको ऐसा लगे कि आपकी बातचीत बहस का रूप ले रहीहै तो कोई भी बहाना बनाकर आप उस स्थान को छोड़ दें ओंर कम से कम दस मिनट तक उस व्यक्ति के सामने न जाए। “Personality Development Hindi”

दस मिनट पश्चात जब आप उसके सामने जाएँगे तो विश्वास कीजिए, परिस्थितियां पूरी तरह से बदल चुकीं होंगी और अब वह व्यक्ति आपसे बहस के मूड में नहीं होगा और आप अपने रिश्तों को बचा जाएगे । यही किसी भी बहस को जीतने का ब्रम्हास्त्र है । अत: ध्यान रहे…

Avoid the Arguments

बहस को अधिकाधिक टालें

 

9 Personality Development Hindi | सोच विचार कर बोले।

’एक बार दांतों को जबान से प्रेम हो गया और वे दोनों एक-दूसरे से वफा की कसमें खाने लगे । जबान ने दांतो से कहा, “वादा करो कि तुम हर मुसीबत से मेरी रक्षा करोगे” । इस बात पर दांतों ने जवाब दिया…” प्रिये, में वादा ‘ करता हू मैं हर मुसीबत से तुम्हारी रक्षा करूंगा पर तुम भी मुझसे वादा करो कि तुम भी मुझे तुडवाओगी नहीं ।” “Personality Development Hindi”

इंसान की ज़बान में एक भी हडडी नहीं होती परन्तु इतिहास गवाह है कि हजारो वर्षो से जबान ही हड्डियों कं टूटने का कारण रही है ।

अक्सर लोग अपनी जिहवा का बेवजह इस्तेमाल करते हैं और उसका खामियाजा स्वयं भुगतते हैं और इसके विपरीत अगर इंसान अपनी जिहवा का सही तरीके से उपयोग करना सीखे तो वह सारी दुनिया को जीत सकता है परन्तु जिव्हा का सही उपयोग करने के लिए सोच-विचारकर बोलना अति ‘ आवश्यक है और सही विचारों को जन्म देने के लिए दिमाग लगाना पडता है और दिमाग को इसके लिये समय चाहिए। अत: व्यावहारिक ज्ञान का अति कारगर मंत्र है। “Personality Development Hindi”

React after 5 seconds. मतलब जवाब देनेसे तरीबन 5 सेकंड का समय यह सोचने में लगाएँ कि आप क्या बोलने वाले हैं और आपको क्या चाहिए

विश्वास कीजिए, अगर आपने इस नियम को आत्मसात कर लिया तो दुनिया की कोई भी ताकत लोगों को आपसे प्रभावित होने से नहीं रोक सकती इसलिए

React after 5 seconds

बोलने से पूर्व सोचने मेँ पाँच सेकण्ड का समय लें।

 

10 Personality Development Hindi मुस्कुराइए जितना हो सके

मान लीजिए आपकी एक रेडिमेड गारमेन्टस की कि रिटेल शॉप है और आपको अपनी दुकान के लिए एक ” ऐसी सेल्स गर्ल की आवश्यकता है, जो आपके  उत्पादों की बिक्री के लिये प्रभाती सिद्ध हो सके इस पद क लिए दो लडकियों आवेदन करती हैं पहली लडकी बहुत अधिक शिक्षित एवं उच्च-मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती है और उसे यह नौकरी अपने जेबखर्च के बंदोबस्त के लिए चाहिए इस लडकी क चेहरे पर हमेशा गंभीर भाव होते हैं और वही दूसरी लडकी ‘निम्म-‘मध्यमवर्गीय परिवार से है और अधिक शिक्षित भी नहीं है परन्तु उसके चेहरे पर हमेशा एक आकर्षित करने वाली मोहक मुस्कान रहती है। “Personality Development Hindi”

वह सभी आगंतुकों का हृदय से स्वागत करती है और उनकी इच्छा के अनुरूप उनकी सहायता करने को हमेशा तत्पर रहती है तो आप बताइए, आप दोनों में से किसे नौकरी पर रखना पसंद करोगे? मेरा पूरा विश्वास है कि आप इस मोहक मुस्कान वाली लडकी को ही नौकरी पर रखना चाहेंगे क्योकि ऐसा कहा गया है कि,

The Expression, Awoman wears on her face is far more important than the clothes and ornaments she wears on her body ‘ ‘

और ऐसा भी कहा गया है कि

Smlles IS the longest word of English ~ chtlonary because there is one mile distance between the two S’s”

चेहरे के नौ अलग-अलग भावों में सबसे आकर्षक, मनमोहक ‘और सबसे अधिक प्रभावशाली भाव है मुस्कान जो संसार के सभी जीवों को आकर्षित करती है विश्वास कीजिए, अगर आप बगैर एक भी शब्द बोले केवल अपने चेहरे कें भावो से लोगों को आकर्षित करना चाहते हैं, तो उसका मूल मंत्र हे”। “Personality Development Hindi”

आप चेहरे पर सदा बनी रहने वाली एक मोहन मुस्कान।

अगर आप इसक जादुई असर को महसूस करना चाहते हैं, तो किसी भी ऐसे स्थान पर चले जा ‘ ज भीड़ हो, पैर रखने की भी जगह न हो और वहा आपका कोई परिचित भी न हो । जैसे बस, ट्रेन या टिकट की लाइन।

वहा जाकर आप उन सभी की तरफ देखकर बारी-बारी मुस्कराइए उनमें से अधिकतर लोग आपर्क इस बर्ताव पर अचरज करेंगें किन्तु उनमें से एक दो ऐसे भी होंगे, जो आपकी मुस्कान का जवाब अपनी मुस्कराहट से देंगे जो भी व्यक्ति ऐसा करे, आप उससे जाकर मदद मांगे । विश्वास कीजिए आपकी निराश नहीं होना पडेगा। “Personality Development Hindi”

China में एक कहावत प्रचलित हैं…

“A man Without a smiling face should not open a shop.”

अर्थात जिस व्यक्ति के पास मुस्कराता हुआ चेहरा नहीं हैं, उसे कभी Business नहीं कारना चाहिए।

अपने चेहरे पर गंभीर भाव रखने वाले लोगों को दूसरे लोगों से काम करवाने में काफी दिवकतों का सामना करना पडता है । वहीँ एक छोटी सी मुस्कान बडी बड़ी परेशानियों को चुटकियों में हल कर देती है। “Personality Development Hindi”

सदैव मुस्कराते रहिए और स्वयं पर ऐसा करने के लिए दबाव डालिए। अगर आपके लिए ऐसा करना थोडा मुश्किल है तो किसी भी plastic surgeon पास जाकर अपने चेहरे की surgery करवा लीजिए । उससे कहिए कि वह आपक चेहरे पर एक ऐसी मुस्कान बना दे, जो सोते समय भी आपकं चेहरे पर बनी रहती हो। जो चाहे वो तरीका अपनाए पर अपने चेहरे से मुस्कान को न जाने दें । लोगों को आकर्षित करने का यह सबसे सरल उपाय है। “Personality Development Hindi”

परन्तु एक बात का ध्यान रखें कि आपकी मुस्कराहट, हंसी न लगे । मैं किसी नकली मुस्कान की बात नहीं कर रहा । मैं एक ऐसी मुस्कान की बात कर रहा हू जिसमें मुस्कान तो चेहरे पर आती हो पर उसक भाव दिल से निकलते हों क्योकि इंसान बहुत चालाक होता है । वह आपकं चेहरे से निकलने वाले नकली भावों को तुरंत पकड लेगा और इससे आकर्षित होने कं बजाय इन नकली भावों का उस पर प्रतिकूल असर पडेगा ।

Shakespeare ने क्या ठीक कहा है…  (Read more: Motivatioal Stories in Hindi)

Happiness doesn’t depend upon an outward condition, it depends upon inner conditions.

अगर आप वाकई ऐसी मोहक मुस्कान पाना चाहते हैं तो स्वयं को हरदम खुश रहने के लिये प्रोत्साहित कीजिए। जब आप अंदर से खुश होंगे तो चेहरे पर खुशी के भाव स्वत: ही आ जाएँगे ।

 

11 Personality Development Hindi | हर व्यकित कौ उसके नाम के साथ आदर से बुलाएँ

जैसा कि मैंने आपको पहले भी कहा है कि मेरे Doggy का नाम Bobby है। में जब भी उसे बुलाता हूँ और पुकारता हूँ ‘शेरू’ तो वह बिल्कुल ध्यान नहीं देता । फिर जब मैं उसे बुलाता हूँ जिमि, तो भी वह अनसुना कर देता है। परन्तु जैसे ही मैं कहता हू बॉबी तो वह तुरन्त अपने कान खडे कर लेता है और दौडता हुआ मेरे पास आकर अपनी दुम हिलाने लगता है । यहीँ नाम का जादू है । सोचिए अपने नाम से जानवरों को भी इतना लगाव रहता है तो फिर इन्सानों की क्या कहें। “Personality Development Hindi”

A person’s name for him is the most beautiful sound on this earth

लोगों को अपने नाम से इतना प्यार होता है कि लोग जब दान देते हैं तो भी शिलालेखों पर अपना नाम लिखवा लेते हैं ताकि लोग उनकें नाम को याद रख सकें । अमीर लोग लेखकों को काफी मोटी रकम देते हैं ताकि वे अपनी पुस्तक उनकें नाम पर समर्पित कर सकें।

किसी भी सामान्य व्यक्ति की दिलचस्पी अपने नाम में इतनी अधिक होती है कि अगर दुनिया के सभी नामों को भी जोड दिया जाए तो भी व्यक्ति को उसका नाम ही सबसे अधिक प्रभावित करता है परन्तु हम इतनी साधारण सी बात को भी नजरअंदाज कर देते हैं और जब भी किसी अजनबी से मुलाकात करते हैं और उससे हमारा परिचय कराया जाता है तो कुछ मिनटों क बाद ही जब हम उससे विदा लेते हैं तो अक्सर यह भूल जाते है कि उस व्यक्ति का नाम क्या है । “Personality Development Hindi”

सोचिए जिस व्यक्ति से आप बात कर रहे हैं, अगर उसे आपका नाम ही याद न रहे तो आप कैसा महसूस करेंगे ? अधिकतर लोग एक साधारण से कारण से नाम याद नहीं रख पाते क्योंकि वे अपना थोडा सा भी ध्यान अपने दिमाग से उसके नाम को याद रखने या दोहराने में नहीं लगाते।

राजनीति का पहला नियम है अगर आप नेता बनना चाहते हैं तो अपने वोटर का नाम और उससे जुडी साधारण जानकारियाँ अपने दिमाग में रखें । जब तक आपको उसका नाम याद रहेगा तब तक उसका वोट आपका और जैसे ही आप उसे भूले वह आपको भूल जाएगा ।

लोगों के नाम को याद रखना और उन्हें सम्मान देना, नेतृत्व क्षमता का सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक है । मैं आपको एक ही वाक्य दो तरीक से कहकर बताता हू ओंर आप स्वत: ही निर्णय लीजिए कि बोलने का कौन सा तरीका अधिक प्रभावशाली है ।

मान लीजिए आपके आँफिस में केदारनाथ शर्मा नाम कं एक कर्मचारी काम करते हैं और आप उनसे एक फाइल कल शाम तक पूरी करने के लिये कहने वाले हैं तो आप उनसे ये बात कैंसे कहेंगे? “Personality Development Hindi”

१. आप उसे अपने आफिस में बुलाकर कहेंगे ‘मुझे यह फाइल हर हाल में कल शाम तक पूरी चाहिए क्योंकि मेरे प्रोजेक्ट के लिए इसका पुरा होना बहुत ज़रूंरी है ।’

२. आप उसे अपने आफिस में बुलाकर विनम्रता से कहेंगे “केदारनाथ जी, जहाँ तक मुझे पता है आप इस आफिस के सबसे अनुभवी व जिम्मेदार व्यक्तियों में से एक हैं और यह बात में बहुत अच्छे तरीके  से जानता हूं कि अगर कोई भी जिम्मेदारी वाला काम केदारनाथ जी को दे दिया जाए तो इस आफिस में एकमात्र वहीँ ऐसे शख्स हैं, जो इसक साथ उचित न्याय कर सकेंगे ।”

यह फाइल मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका कल शाम तक पूरा होना बहुत ज़रूरी है। अब केदारनाथ जी आप ही बताइए कि इस मामले में आप मेरी क्या मदद कर सकते हैं ? “Personality Development Hindi”

अब आप स्वत: ही निर्णय कर ले कि व्यवहार का कौन सा तरीका प्रभावशाली है परन्तु यह निश्चित है कि दूसरे तरीक में जब-जब केदारनाथ जी का नाम आदर से लिया जाता है और उस नाम का संबंध किसी विशेषता से जोडा जाता है तो केदारनाथ जी के मन में अपने नाम से जुडे इस सम्मान की रक्षा करने के भाव स्वत: ही उत्पन्न ही जाते है।  और इस बात की संभावना वहुत अधिक है कि इसक बाद केदारनाथ जी उस कार्य को अधिक जिम्मेदारी से करेंगे ।

अत: मेरी आपको एक सलाह है कि अगली बार आप जब भी किसी नए व्यक्ति से मिलें तो उसका पूरा नाम, उसका जन्म-दिन, उसके  परिवार और उसके काम के बारे में अधिक से अधिक जानकारी इक्कठी करें और अपने दिमाग में उसकी एक तस्वीर बैठा लें और बातचीत के दौरान उसके नाम और उससे जुडी हुई जानकारियों को दोहराने की तकलीफ उठाएं और अगली बार जब भी आप उससे मिलें, चाहै वह साल भर बाद ही क्यों न हो, उसे उसके नाम से बुलाएं और उससे उसकी पत्नी और बच्चो के बारे में पूछें। विश्वास कीजिए आपका यह व्यवहार उसे वहुत आकर्षित करेगा।

Call the people by their First Name and give it a Respect

 

12 Personality Development Hindi | सलाह

अब मेरा प्रश्न आपसे यह है कि जब भी आप कोई काम करते हैं तो क्या आपको पता होता है कि जो काम आप कर रहे हैं, वह गलत है या यूँ कहे कि क्या मुझे बता सकते हैं कि आपने अपने पूरे जीवनकाल में कितनी बार कोई गलत काम जानबूझकर किया है ?

विश्वास कीजिए, पूरे जीवन कें दौरान अब तक आपके द्वारा लिए गए निर्णयों में आप पांच ऐसे काम भी नही बता सकते जो कि ग़लत हैं परन्तु जानबूझकर आपके द्वारा किए गए हैं। “Personality Development Hindi”

लेकिन यह भी सच है कि दिनभर में कम से कम पांच काम ऐसे होते होंगे, जो लोगों की नजर में गलत है और वे इसके लिए आपको टोकते भी होंगे परन्तु फिर भी आप वे कार्यं करते हैं क्योकि आपकी नज़र में वे सही हैं। तो मुझे बताइए कि आप एक सही इंसान हैं या ग़लत ।

मुझे पता है, आपका उत्तर होगा कि आप सही हैं क्योकि इस दुनिया में कोई भी इंसान ऐसा नहीं होता जो अपने द्वारा किए गये कार्यो के लिए स्वयं पर दोषारोपण करना पसंद करता हो। “Personality Development Hindi”

हर व्यक्ति निर्णय लेने के लिए अपने अनुकूल परिस्थितियों और स्वविवेक का इस्तेमाल करता है । वह अपने जीवन को विधाजनक बनाना चाहता है और इसके लिए जो उसे उचित लगता है, वही निर्णय वह लेता है ओंर निर्णय लेते वक्त वह उपलब्ध मार्गो में अपने हिसाब से सर्वश्रेष्ठ मार्ग का चयन करता है और जब वह एक बार निर्णय कर लेता है तो उसके निर्णय को बदल पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है और जब उसे कोई व्यक्ति उस निर्णय को बदलने के लिए कहता है तो वह राय देने वाले व्यक्ति को ही अपने मार्ग में रोडा अटकाने के लिए दोषी ठहराता है।

यही मानव स्वभाव हैं । जिस प्रकार एक खेलने वाला खिलाडी खेल के दौरान यह नहीं जानता की वह क्या गलती कर रहा है लेकिन दर्शक को अच्छी तरह से दिखता है की खिलाडी गलती कर रहा है। जिससे उसको और उसके टीम को नुकसान हो रहा है। उसी प्रकार राय देने वाला व्यक्ति एक दर्शक की तह उन परिस्थितियों को बेहतर तरीक से समझ सकता है। “Personality Development Hindi”

लेकिन वास्तविक जीवन में होता यह है कि हम उस खिलाडी की तरह हैं और इससे हम इतने व्यतीत हो चुके होते है की हम अपने कान हमेशा के लिए बंद कर देते है और ऐसे ही किसी दर्शक के द्वारा दी गई सलाह गलत लगती है ।

१. पहली सलाह

सबसे पहले लोगों को सुधारने का जो ठेकां आपने लिया हुआ है, उसे आप भूल जाइए । और सोचिए क्या आपको अब तक कोई सुधार पाया है?

क्या आप वही नहीं करते जो आपका दिल-करता है और कोई अगर   आपको नहीं बदल सकता तो आप औरों को कैंसे बदल सकते हैं ?

मनुष्य का स्वभाव बरसों के दौरान बदली हुई परिस्थितियों का निचोड़ होता है और उसे महज थोडे से प्रयास से बदल पाना लगभग नामुमकिन है । हां, उन्हें सलाह दी जा सकती है । लेकिन उसका तरीका भी थोडा अलग है, जो में आपको आगे बताऊंगा इसलिए लोगों को सलाह तो दें पर उन पर स्वयं को बदलने कं लिए दबाव न डालें वरना इसका भुगतान आपको ही करना होगा। “Personality Development Hindi”

२. दूसरी सलाह

लोगों से बातचीत की शुरुआत दोस्ताना रवैये से करें। अभिवादन के  बाद सीधे मुददे पर आने का प्रयास कतई न करें लोग आपको स्वार्थी समझेंगे । किसी भी वार्तालाप को लय में आने में कम से कम पाँच मिनट का समय ज़रूर दें और अपनी बात को अप्रत्यक्ष रूप से लोगों के सामने रखें, सीधे-सीधे नहीं। “Personality Development Hindi”

3. तीसरी सलाह

लोगों को गलत साबित करने का कतई प्रयास न करें । कभी किसी को यह जताने का प्रयास न करें कि वह गलती कर रहा है। उसे समझाइये लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से, जैसे कि कोई उदाहरण ले सकते हैं कि आपने पहले भी यह गलती करते लोगों को देखा होगा जिसका उन्हें भुक्तं करना पड़ा। “Personality Development Hindi”

अत: जब आप निर्णय ले तो इस बात का ख्याल रखे कि आपको भी वही भुगतान करना पड़ सकता है।  बाकी आपकी मर्जी।

४. चौथी सलाह

अन्तिम निर्णय कभी स्वयं न दें। बातों को घुमाकर लोगों को अन्तिम निर्णय लेने के लिए प्रेरित करें । हो सकता है आप उस निर्णय से पूरी तरह संतुष्ट न हों फिर भी उसके लिए निर्णय से तालमेल बैठाने का प्रयास करें। “Personality Development Hindi”

५. पाँचवी सलाह

अगर कभी लोगों को उनकी गलतियाँ बताना अति आवश्यक हो जाए तो उन्हें उनकी ग़लती बताने से पहले स्वयं की गलतियों के बारे में चर्चा करें । ऐसा करने से वह व्यक्ति आपको अपने बराबर का व्यक्ति समझकर आपकी दी हुई राय का सम्मान करेगा, जिससे इस बात की संभावना अधिक होगी कि वह आपकी बात पर गोंर करे। “Personality Development Hindi”

६. छठी सलाह

अगर बातचीत के दौरान कभी आपको यह एहसास हो कि आपने कोई ग़लत बात कह दी है तो उसे तुरन्त स्वीकार करें और उसके  लिए उस व्यक्ति से माफी मागें । विश्वास कीजिए, इससे उसकी नज़रों में आपकी छबि पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पडेगा बल्कि गलतियों को तुरन्त स्वीकार करने की आपकी इस आदत से वह प्रभावित होगा। “Personality Development Hindi”

७. सातवीं सलाह

इस बात पर विशेष गौर करें कि आपकी बातचीत ‘खत्म होने से पहले आप कम से कम दो या तीन ऐसी बातों का उल्लेख अवश्य करें’ जिसमें उसकी या उसके द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की गई हो, लेकिन इस बात का भी ध्यान रहे कि वह प्रशंसा चापलूसी  न लगे। “Personality Development Hindi”

८. आठवीं सलाह

सामने वाले व्यक्ति से अधिक बोलने कं लिए प्रोत्साहित करें । वह व्यक्ति जितना अधिक बोलेगा, उतनी ही अधिक संभावना इसे बात की भी होगी कि वह आपक आचरण से प्रभावित हो। “Personality Development Hindi”

९. नवीं सलाह

एक अच्छा श्रोता बनने का प्रयास करे। लोगों को बोलते वक्त उन्हें बीच में न टोकें । कोई भी व्यक्ति स्वयं को टांका जाना पसंद नही करता। उसकी बात खत्म होने का इंतजार करें और साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके  चेहरे के भाव उसका समर्थन करें।

शांत जल में नौका चलाना कोई दुष्कर कार्यं नहीं होता। नाविक की पहचान तो लेहरो से लड़ते वक्त होती है। “Personality Development Hindi”

क्रोधित न हो-

क्रोध खतरनाक परिस्थितियोंको जन्म देता है। माचिस की तीली और इंसान एक सामान होती है। दोनों का सर होता है पर एक चीज अलग होती है। तीली का दिमाग नहीं होता इसलिए जरा सी रगड़ लगते ही तीली भभकने लगाती है। और वह जल कर स्वयं को नष्ट कर देती है। जब तक आप क्रोधित न होंगे तब तक आपको नुकसान पहुँचाना औरो के लिए बहुत मुश्किल होगा|

आत्म नियंत्रण ही सबसे बड़ा बल है|

किसी नई क्या खूब कहा है:

“शमशीर उठाने से कोई सिकंदर नहीं होता,

हालातो से समझोता तक़दीर का मुक्कदर नहीं होता,

और यूँ तो बारिशो में कमजर्फ तालाब भी उफन आते है,

समंदर कभी आप से बाहर नहीं होता|”

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