Sachha Pyar | सच्चा प्यार Hindi Love Stories

Sachha Pyar | सच्चा प्यार

Hindi Love Stories शाम रोज लोकल ट्रेन से जाया करता क्यूकी लोकल ट्रेन से उसे नंदिनी के घर की बाल्कनी दिखाई पड़ती थी| शायद कभी खिड़की मे नंदिनी भी दिख जाए| जब वो ऑफीस मे उसकी हाइ हिल्स की आवाज़ सुनाता तो उसके दिल की धड़कने तेज हो जाया करती| शाम को हमेशा पता चल जाया करता की नंदिनी यही कही आस पास है|

उसकी डेस्क के आस पास नंदिनी हमेशा एक ट्रडीशनल अवतार मे आया करती थी| ये बड़े बड़े झुमके और उसके दूपते पे हमेशा कुछ स्पेशल होता था, जैसे की मिरर वर्क या फिर एम्ब्रोइडरी|  उसके बाल टाइट बंदे हुवा करते थे, ताकि उसका मधहोस कर देने वाला चेहरा आराम से दिख पता|

शाम चुपके से उसके साथ आपनी सेल्फि ले लिया करता था आपने पर्सनल कलेक्शन के लिए| नंदिनी जब भी शाम की सीट पे से आपनी सीट की तरफ जाया करती, तो उसकी हिल्स की आवाज़ के साथ साथ शाम के दिल की धड़कने भी  तेज हो जाती|  कभी कार्ड्स कभी फूल कभी टाइप किए हुये लेटर्स देर रात को उसके ड्रावर मे छोड़ने आया करता था| अब नंदिनी पर ऑफीस के इतने बंदे फिदा थे की उसे पता भी नही चलता की किसका कारनामा है|

एक दोपहर की बात है| जब ऑफीस की एक important फाइल जो नंदिनी के डेस्क पे पड़ी थी, उसे  उसमे से एक चिट्ठी मिली चिट्ठी पर लिखा हुवा था की 143 नंदिनी उस दिन नंदिनी बहोत  गुस्सा हो गयी| उसने मूड कर थोड़ा सा चिल्लाते हुये कहा अगर  इतनी हिम्मत है की ऑफीस की important  फाइल मे ये रख सकते हो, तो हिम्मत दिखा के मेरे बाप से मिल के आओ ना| गुस्से से  मुड़ने के साथ ही नंदिनी के बाल खुल गये| घुटने तक लंबे उसके बाल शाम और पागल हो चुका था|

Hindi Love Stories

अपने बाल कटवाकर शेव  करवा कर फेशियल मसाज लेकर अपनी दो लाइन की स्पीच को 140 बार प्रॅक्टीस करने के बाद शाम नंदिनी के घर पे पोहोच गया| उसके पैर बुरी तरह से काँप  रहे थे| क्युकी नंदिनी की पिताजी उसे सामने जो खड़े थे की वो कुछ कह पता उसके पहले नंदिनी के पिता का फोन बजा| सामने से डॉक्टर की आवाज़ आयी  की नंदिनी का आक्सिडेंट हो चुका है, वो कोमा मे जा चुकी है|

धरती फट चुकी थी दिल मे एक तीखा दर्द और अपने आप को जैसे तैसे संभालते हुए शाम उसके पिताजी को लेकर हॉस्पिटल पोहोचा|  डॉक्टर ने  कह दिया की शायद इस आक्सिडेंट के बाद उसे कुछ याद भी ना हो| उसके पिताजी टूट चुके थे क्यूकी डॉक्टर ने ये भी कहा वो हिल भी ना पाए और जीवन भर शायद बोल भी ना पाए|

नंदिनी को जानने वाले परिवार वाले, ऑफीस वाले लोग ५-६ दिन तक हॉस्पिटल आते रहे नंदिनी को देखने के लिए ऑफीस के सारे ही आशिक़ नंदिनी के लिए गुलदस्ते छोड़ के जा चुके थे| लेकिन एक शाम था, जो हर दिन ऑफीस के बाद नंदिनी के साथ हुआ करता, उससे बाते किया करता, कहानिया सुनाया करता, जोक्स सुनता, उसे ये भी कहता की अब से जब ऑफीस आया करो तो बाल खुले करना| लेकिन नंदिनी से कोई रिएक्शन नही मिलता था| Hindi Love Stories

नंदिनी के पिताजी जानते थे तो उन्होंने कहा की इससे शादी करने का ख्याल छोड़ दो शाम, शायद ये अब चल भी ना पाएगी लेकिन उस रात शाम हॉस्पिटल मे घुसा उसके हाथ मे नंदिनी के फेवरेट फ्लावर्स थे| घुटनो के बल जा के उसे नंदिनी को प्रपोज किया और एक साल मे पहली बार नंदिनी ने आपना हाथ हिलाया, शाम के आँसू निकल गये आज 3 साल हो चुके है रोजाना स्पीच थेरपी  का सहारा ले रही है नंदिनी और रोज उसके बाल सवार के तैयार करता है शाम नंदिनी अपने कापते हुये हाथो से उसकी हथेली पर लिख देती है 143|  See this: प्यार की एहमियत 

दोस्तो आपको ये लव स्टोरी कैसे लगी ये हमे कॉमेंट करके ज़रूर बताए|

For Latest Update Please Like Our Facebook Page: Jivan Indian

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook
Facebook
Google+
https://jivanindian.com/sachha-pyar-hindi-love-stories">
Instagram
LinkedIn
Twitter
Follow by Email